Browsing Category फिल्म समीक्षा

मदारी : आम आदमी का डमरू और बंदरों का तमाशा

IMDB पर बॉलीवुड की 2016 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में इरफ़ान खान की मदारी को अव्वल पाया तो देर से ही सही, इसे देखा। देखकर लगा कि बॉलीवुड में अभी भी कुछ लोग अच्छी और विचारणीय…

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दंगल : हानिकारक बापू और देश का सम्मान

2 दिन पहले परिवार के साथ दंगल देखी, कहानी हरियाणा के पहलवान महावीर सिंह फोगट और उनकी 2 बेटियों गीता और बबीता पर केंद्रित है, ज्ञातव्य है कि गीता फोगट ने सन 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स…

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शिवाय : थोड़ा सा टेकन, चुटकी भर टॉम्ब रेडर (विडियो गेम) और ए मैन फ्रॉम नोवेयर

आज दफ्तर में ख़ास काम न होने की वजह से, बगल वाले सिनेमा हॉल में अजय देवगन की शिवाय देखी। ऐ दिल मुश्किल देखना मुश्किल सा लगा क्योंकि 4-4 लोगो की गुथमगुथा प्रेम कहानिया वैसे…

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बैटमैन बनाम सुपरमैन: डॉन ऑफ़ जस्टिस रिव्यु

3 साल के लम्बे इंतज़ार के बाद कल बहुप्रतीक्षित फिल्म बैटमैन v सुपरमैन डौन ऑफ जस्टिस देखने का अवसर मिला। मैं निजी तौर पर बैटमैन का बहुत ही बड़ा प्रशंषक हूँ और फ्रैंक मिलर की…

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मोहल्ला अस्सी : धार्मिक पाखण्ड और वैश्वीकरण

कल सनी देओल की मोहल्ला अस्सी देखी, कोर्ट ने इस फिल्म की रिलीज़ पर स्टे लगा दिया है और कुछ धार्मिक पाखंडी इस फिल्म को रिलीज़ नहीं होने देंगे ऐसा मेरा विश्वास है, इसलिए मैंने…

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